स्थानीय मान (Place value)
स्थानीय मान का मतलब है कि किसी अंक का मान संख्या में उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। 352 में 3 का मान 300, 5 का मान 50 और 2 का मान 2 है।
गणित · आयु 6–7 · 50 मिनट
बच्चे दो अंकों वाली संख्याओं को दहाई और इकाई से दिखाते हैं और समझाते हैं कि हर अंक का मान कितना है।
हर बटन दबाने पर नई बनती हैं और स्क्रीन पर तुरंत जँचती हैं।
मिलकर 0 से 100 तक दस-दस करके गिनें, फिर वापस। फिर 4 से दस-दस करके गिनें: 4, 14, 24, 34। "क्या वैसा ही रहता है? क्या बदलता है?" बच्चों को दिखना चाहिए कि इकाई का अंक वैसा ही रहता है।
व्हाइटबोर्ड पर झटपट दौर: "वह संख्या लिखो जो 23 से दस ज़्यादा है।" 41 और 70 के साथ दोहराएँ।
34 खुली तीलियाँ मेज़ पर उलट दें। "कितनी हैं? एक-एक गिनने में तो बहुत समय लगेगा। चलो दस-दस के बंडल बनाएँ।" बच्चों के गिनते हुए रबर बैंड से तीन दहाइयाँ बाँधें। चार बच जाती हैं।
"दस-दस के तीन बंडल और चार इकाइयाँ। यानी 30 और 4, जो मिलकर 34 बनाते हैं।"
इन्हें स्थानीय मान वाली चटाई पर रखें: बाईं ओर दहाई, दाईं ओर इकाई। ऊपर 34 लिखें। 3 की ओर इशारा करें: "इस 3 का मान तीन नहीं है। इसका मान तीन दहाई है: तीस।" 4 की ओर: "इसका मान चार इकाई है।"
क़दम-दर-क़दम
अब अंकों की जगह बदलें: 43। "वही अंक। क्या यह वही संख्या है?" इसे बनाएँ: चार बंडल और तीन खुली तीलियाँ। "जगह बदली तो मान बदल गया। इसीलिए इसे स्थानीय मान कहते हैं।"
एक मुश्किल उदाहरण दिखाएँ: 40। "चार दहाई और शून्य इकाई। शून्य इकाई की जगह सँभाले रखता है, ताकि हम 40 को 4 न समझ लें।"