गुणा (Multiplication)
गुणा बराबर समूहों को तेज़ी से जोड़ना है। 4 × 3 का मतलब 3 के 4 समूह (या 4 के 3 समूह) यानी 12। उत्तर को गुणनफल कहते हैं।
गणित · आयु 10–11 · 60 मिनट
विद्यार्थी दो या तीन अंकों वाली संख्या को दो अंकों वाली संख्या से मानक लिखित विधि द्वारा गुणा करते हैं, हर आंशिक गुणनफल समझाते हैं, और अनुमान से जाँच करते हैं।
हर बटन दबाने पर नई बनती हैं और स्क्रीन पर तुरंत जँचती हैं।
व्हाइटबोर्ड पर तेज़ याद: 7 × 8, 6 × 9, 4 × 12, फिर 7 × 80, 60 × 9, 40 × 12। "जब एक संख्या दस गुना बड़ी हो जाती है, तो क्या होता है?" विद्यार्थियों को कहना चाहिए कि गुणनफल भी दस गुना बड़ा हो जाता है, इसलिए अंत में एक शून्य आ जाता है।
फिर: "मोटे तौर पर 38 × 24 कितना होगा?" 40 × 20 = 800 या 40 × 25 = 1000 स्वीकार करें। यह अनुमान बोर्ड पर रहने दें।
38 × 24 के लिए जाली (ग्रिड) विधि से शुरू करें, क्योंकि यह दिखाती है कि असल में हो क्या रहा है।
| 30 | 8 | |
|---|---|---|
| 20 | 600 | 160 |
| 4 | 120 | 32 |
"चार हिस्से: 600 + 160 + 120 + 32 = 912।" फिर खानेदार कागज़ पर, हर खाने में एक अंक रखकर, मानक विधि दिखाएँ।
"पहली पंक्ति है 38 × 4। 8 × 4 = 32: 2 लिखो, 3 हासिल। 3 × 4 = 12, और 3 हासिल जोड़कर 15। तो 152।"
"दूसरी पंक्ति है 38 × 20, 38 × 2 नहीं। क्योंकि मैं दहाई से गुणा कर रही हूँ, इसलिए पहले इकाई के स्तंभ में शून्य लिखती हूँ। यह स्थान-धारक शून्य है। फिर 8 × 2 = 16, 6 लिखो, 1 हासिल। 3 × 2 = 6, और 1 जोड़कर 7। तो 760।"
"पंक्तियाँ जोड़ो: 152 + 760 = 912। जाली विधि जितना ही। और मेरे 800 से 1000 वाले अनुमान के पास।"
क़दम-दर-क़दम