घड़ी देखना (Telling the time)
घड़ी में समय देखने के लिए छोटी सुई से घंटा और लंबी सुई से मिनट पढ़िए। जब लंबी सुई 6 पर हो, तो घंटे का आधा बीत चुका है, यानी साढ़े।
गणित · आयु 5–6 · 40 मिनट
बच्चे सुइयों वाली घड़ी पर पूरे घंटे (3 बजे) और साढ़े का समय (साढ़े 3 बजे, डेढ़, ढाई) पढ़ते और दिखाते हैं, और समझाते हैं कि हर सुई क्या बताती है।
हर बटन दबाने पर नई बनती हैं और स्क्रीन पर तुरंत जँचती हैं।
स्कूल के दिन के बारे में बात करें। "हम खाना कितने बजे खाते हैं? तुम कितने बजे सोते हो?" कक्षा की घड़ी दिखाएँ। "हमें कैसे पता चलता है कि कितने बजे हैं? घड़ी बताती है, अगर हम उसे पढ़ सकें।"
मिलकर घड़ी के चेहरे पर 1 से 12 तक गिनें, हर संख्या की ओर इशारा करते हुए। "12 के बाद क्या आता है?" (फिर से 1: घड़ी गोल-गोल घूमती रहती है।)
बड़ी घड़ी इस्तेमाल करें। "घड़ी में दो सुइयाँ होती हैं। छोटी सुई घंटे की सुई है। बड़ी सुई मिनट की सुई है।"
घड़ी में 3 बजाएँ। "बड़ी सुई सीधी ऊपर 12 की ओर है। जब वह 12 पर होती है, तो पूरे घंटे बजते हैं। अब मैं छोटी सुई देखती हूँ। वह 3 पर है। तो 3 बजे हैं।"
क़दम-दर-क़दम
अब मिनट की सुई को 12 से धीरे-धीरे घुमाते हुए 6 तक ले जाएँ, ताकि बच्चे देखें कि घंटे की सुई भी सरकती है। "बड़ी सुई आधा चक्कर घूम गई। साढ़े। छोटी सुई कहाँ है? 3 और 4 के ठीक बीच में। साढ़े 3 बजे हैं।"
"साढ़े के समय छोटी सुई कभी ठीक संख्या पर नहीं होती। वह अगली संख्या की ओर आधा रास्ता चल चुकी होती है। हम वही संख्या लेते हैं जिससे वह अभी आगे निकली है।"
फिर हिंदी की एक ख़ास बात बताएँ: "दो साढ़े समयों के अपने नाम हैं। 1 के बाद आधा घंटा: हम 'साढ़े 1' नहीं, डेढ़ बजे कहते हैं। 2 के बाद आधा घंटा: ढाई बजे। बाकी सब में साढ़े: साढ़े 3, साढ़े 4..." इसे एक गाने की तरह दोहराएँ: "डेढ़, ढाई, साढ़े तीन, साढ़े चार..."