चुंबक (Magnets)
चुंबक ऐसी वस्तु है जो लोहे जैसी कुछ धातुओं को अपनी ओर खींचती है और दूसरे चुंबकों को धकेलती या खींचती है। हर चुंबक का एक उत्तरी ध्रुव और एक दक्षिणी ध्रुव होता है।
विज्ञान · आयु 7–9 · 55 मिनट
बच्चे समझते हैं कि देखने के लिए हमें प्रकाश चाहिए, प्रकाश के स्रोतों को सिर्फ़ प्रकाश लौटाने (परावर्तित करने) वाली चीज़ों से अलग करते हैं, और समझाते हैं कि छाया तब बनती है जब कोई अपारदर्शी चीज़ प्रकाश को रोकती है, और चीज़ के हिलने पर छाया का आकार बदलता है।
हर बटन दबाने पर नई बनती हैं और स्क्रीन पर तुरंत जँचती हैं।
यह पाठ अँधेरे से शुरू होता है, क्योंकि वहीं बच्चे खोजते हैं कि बिना प्रकाश के हम कुछ भी नहीं देख सकते। वहाँ से वे प्रकाश के स्रोतों को उन चीज़ों से अलग करते हैं जो सिर्फ़ प्रकाश लौटाती हैं, और फिर टॉर्च से छाया को बड़ा-छोटा करते हैं।
एक अँधेरे डिब्बे (या अलमारी) में, जिसमें एक छोटा-सा झाँकने वाला छेद हो, एक छोटा खिलौना रखें। बच्चे अंदर झाँकें: "तुम्हें क्या दिख रहा है?" फिर एक पल्ला खोलकर रोशनी अंदर आने दें। "क्या बदला?" इस विचार तक ले जाएँ: "देखने के लिए हमें प्रकाश चाहिए। प्रकाश किसी स्रोत से चलता है, खिलौने से टकराकर लौटता है और हमारी आँखों में जाता है।" आठ मिनट।
बोर्ड पर चित्रों को दो समूहों में छाँटें।
बच्चे आमतौर पर चाँद पर हैरान होते हैं। बोलें: "चाँद के पास अपना कोई प्रकाश नहीं है। वह इसलिए चमकता दिखता है क्योंकि सूरज की रोशनी उससे टकराकर लौटती है।"
फिर छाया बनाएँ। दीवार पर टॉर्च चमकाएँ और अपना हाथ आगे करें। "मेरा हाथ अपारदर्शी है। प्रकाश इसके आर-पार नहीं जा सकता, इसलिए इसके पीछे एक अँधेरा हिस्सा बनता है। यही छाया है।" हाथ को टॉर्च की ओर ले जाएँ: "छाया का क्या होता है?" फिर टॉर्च से दूर। बोलें: "चीज़ प्रकाश के जितनी पास, छाया उतनी बड़ी।"