मौसम (Weather)
मौसम किसी जगह और समय पर हवा का हाल है: गर्म या ठंडा, गीला या सूखा, हवादार या शांत, धूप या बादल। यह दिन-ब-दिन बदलता रहता है।
विज्ञान · आयु 5–6 · 45 मिनट
बच्चे आज के मौसम को देखकर उसका वर्णन करते हैं, अलग-अलग तरह के मौसम के नाम बताते हैं, और बात करते हैं कि उनके यहाँ अलग-अलग ऋतुओं में मौसम और दिन की लंबाई कैसे बदलती है।
हर बटन दबाने पर नई बनती हैं और स्क्रीन पर तुरंत जँचती हैं।
मौसम विज्ञान का वह एक विषय है जिसे बच्चे हर दिन बस खिड़की से बाहर देखकर जाँच सकते हैं। यह पाठ कक्षा में रोज़ मौसम देखने की आदत डालता है, बच्चों को जो दिखता है उसका वर्णन करने के शब्द देता है, और मौसम को ऋतुओं से जोड़ता है, जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग होती हैं।
कक्षा को खिड़की के पास ले जाएँ, या अगर सूखा हो तो बाहर। पूछें: "आज मौसम कैसा है? तुम्हें क्या दिख रहा है? क्या महसूस हो रहा है?" एक मिनट चुपचाप देखने दें, फिर जवाब सुनें। एक झंडी ऊपर उठाएँ: "क्या हवा चल रही है? हमें कैसे पता चलेगा?" आठ मिनट।
मौसम के चित्र-कार्ड एक-एक करके दिखाएँ और हर एक का कक्षा के साथ अभिनय करें: धूप (आँखों पर हाथ की छाँव), बारिश (उँगलियाँ हिलाते हुए नीचे लाना), हवा (झूमना), बादल (हाथों से बादल का आकार), बर्फ़ (ठिठुरना)।
फिर ऋतुएँ आसान शब्दों में समझाएँ: "ऋतु साल का एक हिस्सा है जिसका अपना ख़ास मौसम होता है। भारत में हम आमतौर पर तीन बड़ी ऋतुओं की बात करते हैं: गर्मी, बरसात (जब मानसून आता है) और सर्दी।" बताएँ कि क्या बदलता है: "गर्मियों में दिन लंबे होते हैं और ख़ूब गर्मी पड़ती है। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और ठंड होती है। बरसात में बहुत बारिश होती है।"
फिर जोड़ें: "हमारी परंपरा में छह ऋतुएँ भी गिनी जाती हैं, जैसे वसंत। और कई दूसरे देशों में लोग चार ऋतुओं की बात करते हैं: वसंत, गर्मी, पतझड़ और सर्दी। हर जगह बर्फ़ नहीं गिरती!" पूछें: "हमारे यहाँ कौन-सी ऋतुएँ होती हैं? हर एक में मौसम कैसा होता है?" (आपके राज्य में मौसम अलग हो सकता है, जैसे पहाड़ों पर बर्फ़ या तटीय इलाकों में साल भर उमस; अपनी जगह के हिसाब से बात करें।)