बच्चों को घर पर letter sounds कैसे सिखाएँ: रोज़ 10 मिनट का phonics रूटीन
3–5 साल के बच्चों को घर पर letter sounds सिखाने का शांत, रोज़ 10 मिनट का रूटीन: खेल, बच्चे से क्या कहें, और आवाज़ें याद न रहें तो क्या करें।

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घर पर letter sounds सिखाना तब तक आसान लगता है, जब तक आप इसे किसी ऐसे तीन साल के बच्चे के साथ आज़माते नहीं, जिसे उस वक़्त डायनासोर बनना ज़्यादा पसंद है। अच्छी बात यह है कि यह काम रोज़ दस मिनट में हो जाता है, इसके लिए लगभग कोई सामान नहीं चाहिए, और यह पढ़ाई की बजाय खेल जैसा लगे तो कहीं बेहतर चलता है। यहाँ बताया गया है कि क्या सिखाएँ, किस क्रम में, बच्चे से ठीक-ठीक क्या कहें, और बात न बने तो क्या करें।
यह लेख English phonics के बारे में है, जो भारत के ज़्यादातर English-medium स्कूलों में Nursery, LKG और UKG में सिखाई जाती है। इसलिए शब्दों के उदाहरण अंग्रेज़ी में ही रखे गए हैं। सुनने और आवाज़ें जोड़ने वाले खेल हिंदी वर्णमाला के साथ भी उतने ही काम आते हैं।
"Letter sounds आना" का असल मतलब क्या है
"Phonics" शब्द के पीछे दो अलग-अलग कौशल छिपे हैं, और दोनों अलग रफ़्तार से विकसित होते हैं।
पहला है बोले गए शब्दों में आवाज़ें सुनना। क्या बच्चा बता सकता है कि sun /s/ से शुरू होता है? क्या वह सुन पाता है कि dog और log की तुक मिलती है? यह सब कान और मुँह से होता है, अक्षरों की ज़रूरत ही नहीं।
दूसरा है आवाज़ को लिखी हुई आकृति से जोड़ना: m देखकर /m/ बोलना। दोनों ज़रूरी हैं, लेकिन नींव सुनने वाला कौशल ही है। जो बच्चा अभी sock की शुरुआत में /s/ नहीं सुन पाता, उसके लिए s बस एक बेमतलब की टेढ़ी लकीर है, आप उस पर कितनी भी बार उँगली रखें।
इसलिए अगर बच्चा तीन साल का है, या पिछली कोशिशें आँसुओं पर ख़त्म हुई थीं, तो कोई भी अक्षर दिखाने से पहले एक-दो हफ़्ते सिर्फ़ सुनने वाले खेल खेलें।
शुद्ध आवाज़ें, "बअ" और "मअ" नहीं
हर आवाज़ आप कैसे बोलते हैं, यह ज़्यादातर माता-पिता की सोच से ज़्यादा मायने रखता है। कोशिश करें कि आवाज़ "शुद्ध" निकले, आख़िर में कोई अतिरिक्त अ न जुड़े।
- खिंचने वाली आवाज़ें जितनी देर चाहें, खींची जा सकती हैं: mmm, sss, fff, lll, nnn, rrr, zzz। इन्हें एक-दो सेकंड तक खींचें।
- उछलने वाली आवाज़ें खिंचती नहीं, इसलिए इन्हें छोटा और साफ़ रखें: /b/, /d/, /g/, /p/, /t/, /k/। अगर अ बार-बार घुस आता है, तो इन्हें फुसफुसाकर बोलें। फुसफुसाया हुआ /t/ "टअ" बोलना लगभग नामुमकिन है।
इतनी मेहनत क्यों? क्योंकि आगे चलकर जब बच्चा आवाज़ें जोड़कर शब्द बनाएगा, तो "मअ-a-टअ" mat जैसा नहीं सुनाई देता। "mmm-a-t" सुनाई देता है।
सूरज
मोज़ा
साँप
तारा
पहले कान तैयार करें: सुनने वाले तीन खेल
इनके लिए आपके और कुछ मिनटों के सिवा कुछ नहीं चाहिए, इसलिए ये गाड़ी में, नहाते समय या दुकान की लाइन में भी खेले जा सकते हैं।
आवाज़ों वाला I spy। आम "ऐसी चीज़ जो ऐस से शुरू होती है" की जगह आवाज़ बोलें: "I spy with my little eye, एक चीज़ जो /mmm/ से शुरू होती है।" शुरू में बड़ा इशारा दें ("यह मेज़ पर रखा है और इसमें दूध पीते हैं", mug)। फिर बच्चे को जासूस बनने की बारी दें।
रोबोट वाली बोली। धीमे रोबोट की तरह बोलें, शब्द को आवाज़ों में तोड़कर, और बच्चा पूरा शब्द बोले। "Touch your h-ea-d।" "Where is your n-o-se?" "Can you find the b-a-g?" इसे oral blending कहते हैं, और यही वह कौशल है जो आगे चलकर अक्षरों की जानकारी को पढ़ने में बदलता है। तीन आवाज़ों वाले शब्दों से शुरू करें और खूब मदद करें। हिंदी में भी यही खेल चलता है: "अपनी ना-क छुओ।"
बेतुकी तुकबंदी। "Cat, hat, mat, zat!" बनावटी शब्द भी चलेंगे। पूछें: "क्या fish की तुक dish से मिलती है? क्या fish की तुक cake से मिलती है?" बच्चों को आम तौर पर तुक बनाने से ज़्यादा आसान तुक पहचानना लगता है, इसलिए पहले हाँ/ना वाला सवाल पूछें।
जब बच्चा छोटे शब्दों के साथ रोबोट वाली बोली खेलने लगे और कुछ शब्दों की पहली आवाज़ पकड़ ले, तब वह अक्षरों से मिलने के लिए तैयार है।
पहले कौन-से letters सिखाएँ (इशारा: A, B, C नहीं)
वर्णक्रम गाने के लिए तो ठीक है, पर सिखाने के लिए अच्छा क्रम नहीं है। बहुत-से phonics कार्यक्रम कुछ बेहद काम के अक्षरों के छोटे समूह से शुरू करते हैं, जिन्हें जोड़कर तुरंत दर्जनों असली शब्द बन जाते हैं। उदाहरण के लिए, इंग्लैंड के स्कूल systematic synthetic phonics कार्यक्रम अपनाते हैं, और वहाँ अक्सर पहला समूह s, a, t, p, i, n होता है। ये कार्यक्रम कैसे चुने जाते हैं, इसके बारे में आप UK सरकार की phonics teaching programmes पर गाइडेंस (अंग्रेज़ी में) पढ़ सकते हैं।
| हफ़्ता | नई आवाज़ें | शब्द जो अभी से बन सकते हैं |
|---|---|---|
| 1 | s, a | as (और ढेर सारे सुनने वाले खेल) |
| 2 | t, p | sat, pat, tap, at, sap |
| 3 | i, n | sit, pin, tin, nap, pan, tip, ant |
| 4 | m, d | mat, dad, map, dip, mad, and |
| 5 | g, o | dog, got, pot, nod, top, on |
| 6 | c, k | cat, cot, kit, can, cap, kid |
चार साल के बच्चे के लिए हफ़्ते में दो नई आवाज़ें आरामदायक रफ़्तार है। कुछ बच्चे तेज़ चलते हैं, कुछ को पहले समूह पर ही तीन हफ़्ते लगते हैं। दोनों ठीक हैं। छोटे और काम के समूह का पूरा फ़ायदा यही है कि तीसरे हफ़्ते तक बच्चा एक असली शब्द पढ़ लेता है, और असली शब्द पढ़ पाना ज़बरदस्त हौसला देता है।
अगर बच्चे का स्कूल कोई और क्रम अपनाता है, तो स्कूल का क्रम ही मानें। किसी भी "परफ़ेक्ट" योजना से ज़्यादा काम निरंतरता करती है।
10 मिनट का रूटीन
वही समय, वही जगह, वही क्रम, लगभग हर दिन। रूटीन छोटा इसी अनुमान लगा सकने की वजह से रहता है। नाश्ते के ठीक बाद या कुछ खाने के तुरंत बाद का समय आम तौर पर देर दोपहर से बेहतर चलता है।
क़दम-दर-क़दम
- पुरानी आवाज़ें दोहराएँ (2 मिनट)जो letter cards पहले सीख चुके हैं, उन पर उँगली रखें और हर आवाज़ साथ में बोलें; अगर आपका कार्यक्रम हाव-भाव इस्तेमाल करता है तो वह भी करें (/s/ के लिए साँप जैसा हाथ, /t/ के लिए सिर थपथपाना)।
- नई आवाज़ से मिलें (2 मिनट)अक्षर दिखाएँ, आवाज़ तीन बार बोलें, और उसकी आकृति पहले पूरी बाँह से हवा में बनाएँ, फिर एक उँगली से बच्चे की पीठ पर।
- उसे ढूँढें (2 मिनट)कमरे में दो चीज़ें खोजें जो उस आवाज़ से शुरू होती हों। खोज पक्का सफल हो, इसके लिए पहले से एक-दो खिलौने छिपा सकते हैं।
- उसे लिखें (2 मिनट)नमक या आटे की थाली में एक-दो अक्षर, या tracing page की एक लाइन। बस, यहीं रुक जाएँ।
- पढ़ें या जोड़ें (2 मिनट)दो-तीन letter cards रखें और साथ में उन्हें जोड़कर शब्द बनाएँ। अंत सफलता पर करें, चाहे ज़्यादातर काम आपको ही करना पड़ा हो।
असल में दूसरा चरण कुछ ऐसा सुनाई देता है:
"यह नया वाला है। यह बोलता है /p/। तुम बोलो /p/? अपना हाथ मुँह के सामने रखो: /p/। हवा का झोंका महसूस हुआ? चलो इसे हवा में बनाते हैं: नीचे, ऊपर, और गोल घुमाओ।"
हर नया अक्षर शुरू करते समय यही छोटी-सी लाइनें दोहराएँ। कुछ हफ़्तों बाद बच्चा आपके साथ-साथ बोलने लगेगा, और यही तो चाहिए।
लिखने वाले चरण के लिए पूरी worksheet की बजाय छोटा और मोटा काम बेहतर है। इस उम्र में हमारे letter tracing pages में से किसी एक की एक लाइन ही काफ़ी है। अगर पेंसिल पर पकड़ अभी बहुत कच्ची है, तो लिखने से पहले के कौशल वाली हमारी गाइड बताती है कि पहले क्या अभ्यास कराएँ।
आवाज़ें याद रखवाने वाले खेल
इन्हें बदल-बदलकर खेलें ताकि रूटीन बासी न हो। हर दिन चरण 3 या चरण 5 में इनमें से एक डाल दें।
- आवाज़ों की टोकरी। टोकरी में पाँच चीज़ें रखें, तीन जो हफ़्ते की आवाज़ से शुरू होती हों (sock, spoon, sticker) और दो जो नहीं (cup, ball)। बच्चा उन्हें "हाँ" और "ना" में छाँटे।
- डाक में डालो। किसी cereal के डिब्बे में एक दरार काट दें। आप आवाज़ बोलें, बच्चा उससे मेल खाता कार्ड ढूँढकर डिब्बे में "पोस्ट" करे। हाथ व्यस्त रहते हैं और ध्यान टिका रहता है।
- छपाक। फ़र्श पर चार letter cards रखें। आप आवाज़ बोलें, बच्चा मक्खीमार या खुली हथेली से उस कार्ड पर छपाक मारे। बेतुका, असरदार, और शोर भरा।
- ख़ज़ाने वाला शब्द। कमरे में तीन letter cards छिपाएँ जो मिलकर एक शब्द बनाते हों। तीनों मिल जाएँ तो उन्हें जोड़ें: p-i-n, pin।
- आवाज़ से रंग भरो। किसी colouring page पर /s/ से शुरू होने वाली हर चीज़ हरे रंग से और /t/ वाली लाल रंग से भरें। साथ-साथ हर शब्द ज़ोर से बोलें। हमारी कई phonics worksheets भी इसी तरह काम करती हैं।
- गलती करने वाली कठपुतली। एक कठपुतली शब्द "पढ़ती" है और गलतियाँ करती है ("यह तो dop लिखा है!")। बच्चा उसे सुधारे। किसी बड़े की गलती पकड़ना बच्चों को बहुत भाता है।
Letter sounds और tracing के printable पेज
जब आवाज़ें याद न रहें
हर बच्चे के साथ ऐसा दौर आता है जब आवाज़ें सीधे दिमाग़ से फिसलती लगती हैं। ये रहे आम अटकाव और उनमें आम तौर पर काम आने वाले उपाय।
"कल तो आता था।" बिल्कुल सामान्य है। कोई आवाज़ तब तक पक्की नहीं होती, जब तक बच्चा उससे कई अलग-अलग दिनों पर न मिल ले। कल के अक्षरों पर भरोसा करने से पहले उन्हें एक हफ़्ते तक दोहराई वाले ढेर में रखें।
b और d (या p और q) में उलझ जाता है। चार-पाँच साल में, और अक्सर छह में भी, यह अपेक्षित है। दोनों अक्षर साथ-साथ नहीं, अलग-अलग हफ़्तों में सिखाएँ, और हर एक के लिए अलग "खूँटी" दें: b के लिए, "पहले bat, फिर ball" (पहले सीधी लकीर, फिर गोल हिस्सा)।
हर आवाज़ के साथ "अ" जोड़ देता है। एक हफ़्ते तक उछलने वाली आवाज़ें साथ में फुसफुसाकर बोलें। फुसफुसाने में गले की आवाज़ हट जाती है, और अ भी उसके साथ चला जाता है।
आवाज़ें बोल लेता है पर जोड़ नहीं पाता। बिना किसी अक्षर के वापस रोबोट वाली बोली पर जाएँ, और आवाज़ों के बीच का फ़ासला बहुत छोटा रखें: m... a... t की जगह mmmaaat। खिंचने वाली आवाज़ें सबसे आसानी से जुड़ती हैं, इसलिए bat या dog से पहले sun, man और fan जैसे शब्द आज़माएँ।
बैठने से ही मना कर देता है। कुछ दिनों के लिए रूटीन छोड़ दें और चलते-फिरते सिर्फ़ सुनने वाले खेल खेलें। फिर छोटे रूप के साथ लौटें: पाँच की जगह तीन चरण। पाँच मिनट का सत्र जो सच में हो जाए, उस दस मिनट वाले से बेहतर है जो लड़ाई बन जाए।
कई महीनों बाद भी कोई फ़र्क़ नहीं। कुछ बच्चों को ज़्यादा समय चाहिए, और तीन-चार साल की उम्र में सिर्फ़ इतने से घबराने की बात नहीं है। लेकिन अगर बच्चे को तुक सुनने में भी दिक्कत होती है, उसे बार-बार कान का संक्रमण हुआ है, या उसकी बोली समझना मुश्किल है, तो नर्सरी की टीचर या बच्चों के डॉक्टर से बात करें। सुनने की जाँच (hearing check) एक समझदारी भरा पहला क़दम है।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आवाज़ें बनाए रखने के छोटे तरीक़े
दस मिनट वाला समय सिखाने का काम करता है। रोज़ की बातचीत याद रखने का।
- Cereal के डिब्बों, दुकानों के बोर्ड और गाड़ियों की नंबर प्लेट पर बच्चे के नाम की पहली आवाज़ दिखाएँ।
- कोई चित्र-पुस्तक पढ़ते समय किसी एक बड़े, साफ़ शब्द पर रुकें और साथ में उसकी पहली आवाज़ बोलें। लय वाली किताब, जैसे Boom, Boom, Awa's Drum, इसके लिए एकदम सही है।
- नहाते समय टब या बाल्टी के किनारे फ़ोम वाले अक्षर चिपका दें और बच्चे से "वह वाला जो /a/ बोलता है" ढूँढने को कहें।
- खाने पर खेलें "मैं ऐसी खाने की चीज़ सोच रही हूँ जो /p/ से शुरू होती है": pasta, peas, potato, या पराठा, पनीर, पूरी।
अगर आप यह भी सोच रहे हैं कि phonics का उन "मुश्किल" शब्दों की छोटी सूची से क्या रिश्ता है, जो बच्चों को घर भेजी जाती है, तो हमने sight words और phonics पर लिखा है। और अगर आप चाहते हैं कि letter sounds किसी बड़ी योजना का हिस्सा बनें, तो हमारा प्रीस्कूल बच्चों के लिए रोज़ का सीखने वाला रूटीन देखें।
गतिविधि पुस्तिकाउम्र 3–5
मेरी पहली अक्षर लिखने की किताब
हर अक्षर का एक पेज: अक्षर और उससे शुरू होने वाला शब्द लिखो।
अंदर क्या है, देखेंआज रात अपनी पहली दो आवाज़ें चुनें, उन्हें कार्ड पर लिखें, और कल नाश्ते से पहले रोबोट वाली बोली का एक राउंड खेलें। पहला क़दम बस इतना ही है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चे को letter sounds सिखाना किस उम्र में शुरू करें?
बहुत-से बच्चे तीन साल के आसपास आवाज़ों वाले आसान खेलों का मज़ा लेने लगते हैं, और साढ़े तीन से पाँच साल के बीच आवाज़ को अक्षर से जोड़ पाते हैं। पहले सुनने वाले खेल खेलें; अक्षर तब दिखाएँ जब बच्चा किसी शब्द की पहली आवाज़ पहचानने लगे।
पहले capital letters सिखाएँ या small letters?
Small letters। बच्चा जो कुछ भी पढ़ेगा, उसका लगभग सारा हिस्सा small letters में छपा होता है। इसलिए आवाज़ small letter के साथ सिखाएँ, capital letters बाद में नामों और बोर्डों के ज़रिए अपने-आप आ जाएँगे।
मेरे बच्चे को सभी letters के नाम आते हैं। क्या यह कोई दिक्कत है?
बिल्कुल नहीं। जो नाम आप पहले से बोलते हैं, उसके साथ आवाज़ भी जोड़ दें, जैसे "यह m है, यह बोलता है mmm"। धीरे-धीरे आवाज़ को पहले बोलना शुरू करें।
कैसे पता चले कि बच्चा शब्द पढ़ने के लिए तैयार है?
जब बच्चे को पाँच-छह आवाज़ें आ जाएँ और वह आपकी बोली हुई आवाज़ों को जोड़ सके (आप बोलें c-a-t, वह बोले cat), तो letter cards से कोई छोटा-सा शब्द साथ में पढ़कर देखें।
इस लेख की वर्कशीट
Crayonbird संपादकीय टीम
लेखक, चित्रकार और शिक्षक
हम वह छोटी टीम हैं जो Crayonbird की गतिविधियाँ लिखती, बनाती और जाँचती है। हम हर आइडिया को अपनी वर्कशीट के साथ आज़माते हैं, व्यावहारिक और ईमानदार सलाह देते हैं — यह भी कि क्या काम नहीं करता — और जहाँ ज़रूरी हो वहाँ आधिकारिक स्रोत बताते हैं। इस ब्लॉग पर कुछ भी प्रायोजित नहीं है।
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