खोई हुई पतंग
मिया के पास एक लाल पतंग थी, जिसकी पूँछ लंबी और पीली थी। एक दिन बहुत हवा चल रही थी, तो वह अपने पापा के साथ दौड़कर पार्क गई।
पतंग ऊपर, ऊपर, और ऊपर उड़ी। फिर हवा बहुत ज़ोर से चली। डोर मिया के हाथ से फिसल गई! पतंग नाचती हुई पेड़ों के ऊपर से दूर चली गई।
मिया और उसके पापा पतंग के पीछे-पीछे गए। वे तालाब और बड़े-बड़े झूलों के पास से गुज़रे। आख़िर में उन्हें पतंग सेब के एक छोटे पेड़ पर मिली। ज़ारा नाम की एक प्यारी लड़की ने उसे नीचे उतारने में उनकी मदद की।
ज़ारा ने पूछा, “क्या मैं भी तुम्हारे साथ पतंग उड़ा सकती हूँ?” मिया मुस्कुराई। “हाँ! चलो, डोर साथ मिलकर पकड़ते हैं।”