चाँद पर पिकनिक
एक रात लियो को नींद नहीं आ रही थी। उसने खिड़की से बाहर बड़े, गोल चाँद को देखा। “काश, मैं वहाँ ऊपर पिकनिक मना पाता,” उसने कहा।
लियो ने आँखें बंद कीं और सपना देखा। सपने में वह एक नरम बादल पर बैठकर चाँद तक पहुँच गया। वह अपने साथ एक कंबल, तीन सैंडविच और दूध का एक जग ले गया।
चाँद शांत था और चाँदी जैसा चमक रहा था। लियो बहुत ऊँचा उछल रहा था, क्योंकि वहाँ सब कुछ हल्का लग रहा था। एक छोटा-सा तारा उससे नमस्ते कहने आया, तो लियो ने अपना सैंडविच उसके साथ बाँटा।
जब लियो जागा, तो सूरज चमक रहा था। वह हँस पड़ा। “आज रात मैं फिर से चाँद का सपना देखूँगा!”