दादी के साथ बाज़ार का दिन
शनिवार को अमारा अपनी दादी के साथ बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत भीड़ और शोर था। वहाँ लाल टमाटर, पीले केले और बड़े-बड़े हरे तरबूज़ बिक रहे थे।
दादी ने अमारा को एक छोटी-सी टोकरी और पाँच चमकते सिक्के दिए। “आज पैसे तुम दोगी,” उन्होंने कहा।
अमारा ने छह टमाटर और दो मीठे आम चुने। उसने बहुत ध्यान से सिक्के गिने: एक, दो, तीन, चार, पाँच। फल वाली आंटी मुस्कुराईं। “तुम तो बहुत अच्छी गिनती करती हो!” उन्होंने कहा और तोहफ़े में एक और आम टोकरी में रख दिया।
घर लौटते समय अमारा ने टोकरी दोनों हाथों से पकड़ी। वह भारी थी, पर अमारा को ख़ुद पर बहुत गर्व हो रहा था।