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किशोर और पढ़ाई के तरीक़ेकिशोरों के लिएउम्र 13–18

रिवीज़न टाइम-टेबल कैसे बनाएँ, जिस पर सच में टिके रह सकें

किशोरों के लिए क़दम-दर-क़दम गाइड: रिवीज़न टाइम-टेबल बनाना, एक नमूना हफ़्ता, चीज़ें पीछे छूटने पर इसे कैसे बदलें, और बर्नआउट से कैसे बचें।

Crayonbird संपादकीय टीम13 मिनट में पढ़ें
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रिवीज़न टाइम-टेबल का काम परीक्षाओं को संभालने लायक महसूस कराना है। अक्सर वह रंग-बिरंगा, सुंदर चार्ट बनकर रह जाता है जो बुधवार तक बिखर जाता है। फ़र्क़ आमतौर पर इच्छाशक्ति का नहीं होता। असल बात यह है कि योजना एक ऐसे परफ़ेक्ट हफ़्ते के लिए बनी थी जो कभी आता ही नहीं। यह गाइड आपको ऐसा टाइम-टेबल बनाने में मदद करती है जो आपकी असली ज़िंदगी में फ़िट हो, एक नमूना हफ़्ते के साथ, उसे बदलने के आसान तरीक़े के साथ, और उन चेतावनी संकेतों के साथ जो बताते हैं कि आप बहुत ज़्यादा कर रहे हैं।

शुरू करने से पहले: तीन सूचियाँ

एक भी ग्रिड बनाने से पहले आधा घंटा तीन सूचियाँ बनाने में लगाएँ। पूरी योजना का यह सबसे काम का आधा घंटा है।

1. आपकी परीक्षाएँ। हर विषय, हर पेपर, तारीख़ और समय के साथ। इन्हें तारीख़ के क्रम में लिखें। अगर अभी पक्की डेटशीट नहीं आई है, तो अपना सबसे अच्छा अंदाज़ा लिखें और बाद में बदल दें।

2. आपके टॉपिक। हर विषय के कोर्स को इतने छोटे टॉपिक में बाँटें कि एक सत्र में दोहराए जा सकें। "बायोलॉजी" बहुत बड़ा है। "कोशिका की संरचना", "परासरण और विसरण" और "एंज़ाइम" लगभग सही आकार के हैं। आपका सिलेबस या पाठ्यपुस्तक की विषय-सूची शुरुआत के लिए अच्छी जगह है।

3. आपका पहले से तय समय। जो कुछ पहले से बुक है: स्कूल या कॉलेज, आने-जाने का समय, कोचिंग या ट्यूशन, खेल की प्रैक्टिस, धार्मिक काम, परिवार के साथ खाना, वह शाम जब आप हमेशा दादा-दादी या नाना-नानी से मिलने जाते हैं। ईमानदार रहें। जो टाइम-टेबल आपकी शनिवार की कोचिंग को नज़रअंदाज़ करता है, वह पहले शनिवार से आगे नहीं टिकेगा।

  • घड़ी
  • कॉपी
  • पेंसिल
  • डेस्क
  • लैंप
  • किताब
एक घड़ी, एक कॉपी और साफ़ मेज़: बस इतना ही सामान।

हर टॉपिक को लाल, पीला या हरा रेट करें

अपनी टॉपिक सूची पर चलें और हर एक को एक रंग दें:

  • लाल: यह मुझे समझ नहीं आता, या मुझे इसका कुछ भी याद नहीं।
  • पीला: थोड़ा-थोड़ा समझ आता है, पर इसमें मेरे नंबर कटेंगे।
  • हरा: इस पर परीक्षा का सवाल मैं अभी हल कर सकता/सकती हूँ।

सख़्त रहें। "हरा" का मतलब है कि आप आज बिना नोट्स के कर सकते हैं, यह नहीं कि आपको याद है क्लास में सब ठीक लगा था।

यह रेटिंग बताती है कि आपका समय कहाँ जाना चाहिए। लाल टॉपिक को सबसे ज़्यादा सत्र मिलें, पीले को कुछ, और हरे को हर दो हफ़्ते में एक झटपट जाँच, ताकि वे हरे बने रहें। इसके बिना ज़्यादातर लोग अपना समय उन्हीं टॉपिक पर लगाते हैं जो उन्हें पहले से पसंद हैं, जो अच्छा तो लगता है पर नंबरों को ख़ास नहीं बढ़ाता।

क़दम-दर-क़दम टाइम-टेबल बनाएँ

क़दम-दर-क़दम

  1. हफ़्ते गिनेंहिसाब लगाएँ कि पहली परीक्षा तक कितने हफ़्ते हैं। उन्हें पन्ने के ऊपर एक लाइन में लिख दें।
  2. तय समय को घेर देंअपनी तीसरी सूची की हर चीज़ को रंग दें। जो बचा है, वही आपका असली रिवीज़न का समय है, और यह अक्सर आपकी सोच से कम होता है।
  3. सत्र की लंबाई चुनें25–50 मिनट के दो-तीन हिस्सों और छोटे ब्रेक वाला सत्र ज़्यादातर लोगों के लिए चलता है। जिन जगहों पर एक सत्र फ़िट हो, उन्हें चिह्नित करें।
  4. विषयों में स्लॉट बाँटेंजिन विषयों में ज़्यादा लाल टॉपिक हैं और जिनकी परीक्षा पहले है, उन्हें ज़्यादा स्लॉट दें। मोटा-मोटा बँटवारा ठीक है; आप इसे बाद में बदलेंगे।
  5. विषय नहीं, टॉपिक रखेंस्लॉट में सिर्फ़ "केमिस्ट्री" नहीं, "केमिस्ट्री: मोल" लिखें। धुँधला स्लॉट धुँधले सत्र की ओर ले जाता है।
  6. अंतराल जोड़ेंहर टॉपिक को कुछ दिन बाद फिर से रखें, फिर लगभग एक हफ़्ते बाद। किसी चीज़ को कई सत्रों में दोहराना एक लंबे सत्र से बेहतर है।
  7. बफ़र स्लॉट और एक छुट्टी का दिन छोड़ेंहर हफ़्ते भरपाई के लिए एक-दो ख़ाली स्लॉट, और कम से कम एक शाम या आधा दिन बिल्कुल बिना रिवीज़न के।

अंतराल वाला क़दम जितना दिखता है उससे ज़्यादा अहम है। कुछ समय बाद किसी टॉपिक पर लौटना, और उस पर ख़ुद को परखना, रिवीज़न के उन तरीक़ों में से है जिनके पक्ष में सबसे ज़्यादा प्रमाण हैं। हमारी गाइड परीक्षा के लिए रिवीज़न कैसे करें बताती है कि ऐसा क्यों है, और हर सत्र के अंदर क्या करना है।

एक नमूना हफ़्ता

यह किसी बड़े परीक्षा-सेट से लगभग सात हफ़्ते पहले के एक छात्र का हफ़्ता है (जैसे भारत में कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाएँ, इंग्लैंड में Year 11 के GCSE, नाइजीरिया में SS3 का WAEC, या अमेरिका में साल के अंत की परीक्षाएँ)। वह गणित, अंग्रेज़ी, बायोलॉजी, केमिस्ट्री और इतिहास पढ़ता है, दोपहर 3:30 तक स्कूल है, मंगलवार को क्रिकेट प्रैक्टिस, और शनिवार सुबह कोचिंग क्लास।

दिन स्लॉट 1 स्लॉट 2 स्लॉट 3
सोमवार गणित: द्विघात समीकरण (नया) बायोलॉजी: एंज़ाइम (दोहराना) —
मंगलवार क्रिकेट प्रैक्टिस केमिस्ट्री: मोल (नया) —
बुधवार इतिहास: पहले विश्व युद्ध के कारण (नया) गणित: द्विघात समीकरण (दोहराना) फ़्लैशकार्ड (15 मिनट)
गुरुवार अंग्रेज़ी: कविताओं की तुलना केमिस्ट्री: बंधन (दोहराना) —
शुक्रवार गणित: मिला-जुला अभ्यास शाम ख़ाली —
शनिवार कोचिंग (सुबह) बायोलॉजी: परासरण (नया) इतिहास: समय-सीमा वाला निबंध
रविवार पिछले साल का पेपर: गणित (समय के साथ) हफ़्ते की समीक्षा (15 मिनट) बाक़ी दिन छुट्टी

कुछ बातों पर ध्यान दें:

  • किसी दिन तीन से ज़्यादा स्लॉट नहीं। स्कूल वाले दिन आमतौर पर दो काफ़ी हैं।
  • नए टॉपिक और दोहराना मिले-जुले हैं। द्विघात समीकरण सोमवार को आता है और फिर बुधवार को। अगले हफ़्ते वह एक बार और आएगा, मिले-जुले अभ्यास वाले सत्र में।
  • शुक्रवार की शाम ख़ाली है। यह आलस नहीं; इसी से सोमवार मुमकिन होता है।
  • रविवार को हफ़्ते की समीक्षा है। योजना यहीं बदली जाती है।
  • हफ़्ते में एक बार पिछले साल का पेपर। परीक्षाएँ जितनी पास आएँ, पिछले सालों के पेपर योजना का उतना बड़ा हिस्सा होने चाहिए।

छोटे स्लॉट भी चलते हैं। बस में 15 मिनट का फ़्लैशकार्ड रिवीज़न भी गिना जाता है। हमारी गाइड फ़्लैशकार्ड का सही इस्तेमाल दिखाती है कि उन मिनटों का पूरा फ़ायदा कैसे उठाएँ।

चित्र: हफ़्ते की योजना ऐसी जगह लगाएँ जहाँ वह दिखे, किसी फ़ोल्डर में नहीं जिसे आप कभी नहीं खोलेंगे।
हफ़्ते की योजना ऐसी जगह लगाएँ जहाँ वह दिखे, किसी फ़ोल्डर में नहीं जिसे आप कभी नहीं खोलेंगे।

कितना रिवीज़न काफ़ी है

घंटों की कोई जादुई संख्या नहीं है, और जो आपको कोई संख्या बताता है, वह आपका हफ़्ता नहीं जानता। कुछ मोटे दिशानिर्देश:

  • स्कूल वाले दिनों में, मुख्य रिवीज़न के दौर में ज़्यादातर छात्रों के लिए एक-दो घंटे व्यावहारिक हैं। इससे ज़्यादा करेंगे तो अगले दिन थके रहेंगे।
  • वीकेंड और छुट्टियों में, दिन भर में फैले तीन से पाँच घंटे, ठीक-ठाक ब्रेक के साथ, अच्छी मात्रा है।
  • आख़िरी दो-एक हफ़्तों में, आप ज़्यादा कर सकते हैं, पर नींद तब भी पहले आती है।

बेहतर सवाल यह है: क्या मैंने कुछ पूरा किया? ख़ुद को परखने वाले 45 केंद्रित मिनट, फ़ोन की घंटियों के बीच आधे-अधूरे नोट्स पढ़ने के तीन घंटों से ज़्यादा क़ीमती हैं। अगर सत्र ख़त्म करके आप यह नहीं बता पाते कि क्या सीखा, तो सत्र बहुत धुँधला था या ध्यान बहुत भटका हुआ था।

जब ज़िंदगी बीच में आए, तब योजना बदलना

कोई भी टाइम-टेबल पूरे रिवीज़न के दौर में बिना बदले नहीं टिकता। आप बीमार पड़ेंगे, कोई टॉपिक योजना से ज़्यादा समय लेगा, या किसी दोस्त का जन्मदिन गुरुवार को पड़ जाएगा। अच्छी योजना इसकी उम्मीद रखती है।

हर हफ़्ते समीक्षा करें। रविवार को पंद्रह मिनट: जो किया उस पर टिक लगाएँ, टॉपिक फिर से रेट करें (कुछ लाल अब पीले हो जाने चाहिए), और अगला हफ़्ता बदलें। जो विषय अच्छे चल रहे हैं, उनसे समय निकालकर उन विषयों को दें जो नहीं चल रहे।

"छूटे सत्र" का नियम अपनाएँ। अगर कोई सत्र छूट जाए, तो उसे बफ़र स्लॉट में डाल दें। अगर उस हफ़्ते कोई बफ़र नहीं बचा, तो तय करें कि सबसे कम ज़रूरी क्या है और उसे छोड़ दें। दो छूटे सत्रों को एक ही शाम में ठूँसने की कोशिश कभी न करें; योजनाएँ ऐसे ही ढहती हैं।

शून्य से दोबारा शुरू न करें। पीछे रह जाना हर हफ़्ते बिल्कुल नया टाइम-टेबल बनाने की वजह नहीं है। छोटे बदलाव योजना को ज़िंदा रखते हैं; बार-बार नए सिरे से लिखना योजना बनाने को रिवीज़न से बचने का बहाना बना देता है।

"नक़ली हरे" पर नज़र रखें। अगर पिछले साल का कोई पेपर दिखाए कि हरे रेट किए टॉपिक में आपके नंबर कट रहे हैं, तो उसे फिर से पीला कर दें। योजना आपके नतीजों के पीछे चले, आपकी भावनाओं के पीछे नहीं।

जब परीक्षाएँ शुरू हो जाएँ

परीक्षा के दिनों के लिए आपके टाइम-टेबल का एक दूसरा रूप चाहिए। रिवीज़न रुकता नहीं, पर उसका आकार बदल जाता है।

हर पेपर से पीछे की ओर चलें। अपनी डेटशीट देखें और हर परीक्षा से पहले के एक-दो दिन उसी विषय के इर्द-गिर्द रखें: फ़्लैशकार्ड, अपनी ग़लतियों की सूची (एरर लॉग) और पिछले सालों के एक-दो सवालों का हल्का रिवीज़न। यह बिल्कुल नए टॉपिक का समय नहीं है।

बीच के दिनों की योजना बनाएँ। अगर दो परीक्षाओं के बीच तीन दिन हैं, तो उन्हें बाँट दें: ज़्यादातर समय अगली परीक्षा पर, थोड़ा उसके बाद वाली पर, और एक ठीक-ठाक ब्रेक।

पिछली शाम को बचाकर रखें। समझदारी वाले समय पर रिवीज़न रोक दें, अपना सामान (एडमिट कार्ड, पेन, पेंसिल) तैयार रखें, समय और परीक्षा केंद्र जाँच लें, और रोज़ के समय पर सो जाएँ।

हर परीक्षा के बाद उसे जाने दें। परीक्षा हॉल के बाहर जवाब मिलाने से शायद ही कभी फ़ायदा होता है। थोड़ा आराम करें, कुछ खाएँ, फिर देखें कि आगे क्या है। आप पिछला पेपर नहीं बदल सकते, पर अगले की तैयारी अब भी कर सकते हैं।

एक दिन में दो परीक्षाएँ। पिछले दिन दोनों को हल्का-सा दोहराएँ, और उस दिन दोनों के बीच के समय में कुछ नया शुरू करने की बजाय खाएँ, आराम करें और दूसरे पेपर के मुख्य नोट्स पर नज़र डालें।

परीक्षा के दिनों का एक आसान ग्रिड, जिसमें हर पेपर और उससे पहले के रिवीज़न स्लॉट लिखे हों, बनाने में दस मिनट लगते हैं और आख़िरी पल की बहुत-सी घबराहट बचा लेता है।

बर्नआउट से बचना

परीक्षा के मौसम में बर्नआउट आम है, और यह अक्सर बहुत आलसी छात्रों से नहीं, बहुत ठसाठस योजनाओं से आता है। इन संकेतों पर ध्यान दें:

  • रात भर सोने के बाद भी आप थके रहते हैं।
  • एक ही पन्ना तीन बार पढ़ते हैं और कुछ अंदर नहीं जाता।
  • जिस भी पल आप रिवीज़न नहीं कर रहे, आपको अपराध-बोध होता है।
  • आपने दोस्तों से मिलना या कुछ भी पसंद का करना बंद कर दिया है।

अगर यह जाना-पहचाना लगे, तो इलाज कम रिवीज़न है, ज़्यादा नहीं। एक पूरे दिन की छुट्टी लें। अगर आपने योजना से छुट्टी का दिन हटा दिया था, तो उसे वापस रखें। बाहर निकलें, लोगों से मिलें, थोड़ी कसरत करें। नींद नियमित रखें; परीक्षा के तनाव पर NHS की सलाह (अंग्रेज़ी में) बताती है कि ज़्यादातर किशोरों को रात में 8 से 10 घंटे की नींद चाहिए, और सुझाव देती है कि रिवीज़न शेड्यूल माता-पिता के साथ मिलकर बनाया जाए।

टेम्पलेट जो काम आसान करते हैं

आप टाइम-टेबल किसी भी काग़ज़ पर बना सकते हैं, पर टेम्पलेट समय बचाता है और हफ़्ते की समीक्षा जल्दी कराता है। एग्ज़ाम रिवीज़न प्लानर और स्टडी स्किल्स पैक में टाइम-टेबल, रिवीज़न चेकलिस्ट, हफ़्ते के प्लानर और कॉर्नेल नोट्स के पन्ने हैं, जो ठीक इसी प्रक्रिया के लिए बनाए गए हैं।

गतिविधि पुस्तिकाउम्र 12–18

परीक्षा तैयारी प्लानर और पढ़ाई के तरीके

टाइमटेबल, चेकलिस्ट, कॉर्नेल नोट्स, माइंड मैप और लक्ष्य प्लानर।

अंदर क्या है, देखें

सत्रों के लिए, परीक्षा अभ्यास संग्रह से समय-सीमा वाले सवाल और नीचे जैसे विषय-अभ्यास वाले पन्ने मिलाते रहें।

अपने सत्रों में जोड़ने के लिए केमिस्ट्री अभ्यास

लाइब्रेरी में और देखें

आज रात सिर्फ़ तीन सूचियाँ बनाएँ: परीक्षाएँ, टॉपिक और तय समय। कल टॉपिक को लाल, पीला और हरा रेट करें। वीकेंड तक आपके पास ऐसी योजना होगी जो आपकी असली ज़िंदगी में फ़िट बैठती है।

Brainteen के स्टडी टूल्स देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रिवीज़न टाइम-टेबल कितने पहले बनाना चाहिए?

बड़ी परीक्षाओं, जैसे बोर्ड परीक्षा, के लिए छह से दस हफ़्ते पहले बनाने से सब कुछ पूरा करने और उसे एक से ज़्यादा बार दोहराने का समय मिल जाता है। छोटे टेस्ट के लिए आमतौर पर एक-दो हफ़्ते काफ़ी हैं।

हर रिवीज़न सत्र कितना लंबा होना चाहिए?

ज़्यादातर लोग 25 से 50 मिनट के हिस्सों में, बीच में छोटे ब्रेक के साथ, सबसे अच्छा ध्यान लगा पाते हैं। ऐसे दो-तीन हिस्से मिलकर एक अच्छा सत्र बनाते हैं।

अगर मैं अपने रिवीज़न टाइम-टेबल से पीछे रह जाऊँ तो क्या करूँ?

छूटे हुए हर सत्र की भरपाई एक साथ करने की कोशिश न करें। सबसे ज़रूरी टॉपिक आगे बढ़ाएँ, सबसे कम ज़रूरी वाले छोड़ दें या छोटे कर दें, और पहले से रखे गए ख़ाली (बफ़र) स्लॉट इस्तेमाल करें।

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